Category: First People
झारसुगुड़ा में आयोजित हुआ 18वां राष्ट्रीय कुँड़ुख़ सम्मेलन 2025
तोलोंग सिकी लिपि को मिला यूनिकोड, डॉ. नारायण उरांव “सैदा” ने कहा— “अपनी भाषा अपनी लिपि में ही जीवित रह सकती है” झारसुगुड़ा (उड़ीसा), 26 अक्टूबर 2025।कुँड़ुख़ लिटरेरी सोसायटी ऑफ़ इंडिया (Kurukh Literary Society of India), नई दिल्ली के तत्वावधान में 18वां राष्ट्रीय कुँड़ुख़ सम्मेलन 24 से 26 अक्टूबर 2025 तक ओडिशा के झारसुगुड़ा में…
केरल सरकार का “गरीबी मुक्त राज्य” दावा, आदिवासियों ने उठाए सवाल
केरल सरकार ने 1 नवंबर को राज्य को “अत्यधिक गरीबी मुक्त” घोषित करने की तैयारी कर ली है।मुख्यमंत्री पिनराई विजयन इस अवसर पर होने वाले भव्य समारोह में शामिल होंगे। उनके साथ फिल्म अभिनेता मोहनलाल, ममूटी और कमल हासन भी मंच पर मौजूद रहेंगे। सरकार का दावा है कि उसने राज्य के सभी “अत्यधिक गरीब”…
मिजोरम सरकार का बड़ा फैसला: अवैध प्रवासियों पर सख्त कार्रवाई की तैयारी
मिजोरम सरकार ने हाल ही में राज्य में अवैध प्रवासियों और गैर-आदिवासी लोगों को हटाने की योजना की घोषणा की है। मुख्यमंत्री लालदुहोमा ने 24 अक्टूबर 2025 को इस निर्णय की जानकारी दी और बताया कि इस विषय पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से चर्चा की गई है। मुख्यमंत्री ने…
The Naga Question: Between History and Modern India
Yesterday, Thuingaleng Muivah, the General Secretary of the NSCN-IM, returned to his birthplace — Somdal, a Tangkhul Naga village in Manipur’s Ukhrul district — after fifty years. His homecoming was marked by a renewed call for a sovereign Nagalim, a demand that has defined Naga politics for decades. His visit appeared to have official sanction….
प्रथम धरती आबा जनजातीय फिल्म फेस्टिवल: जनजातीय सिनेमा का ऐतिहासिक मंच
रांची, झारखंड | अक्टूबर 2025आदिवासी समाज की आवाज़ और संस्कृति को सिनेमा के माध्यम से सामने लाने के उद्देश्य से झारखंड की राजधानी रांची में पहली बार ‘धरती आबा जनजातीय फिल्म फेस्टिवल 2025’ का आयोजन किया गया। यह आयोजन अपने आप में ऐतिहासिक रहा, क्योंकि यह देश का पहला ऐसा फिल्म महोत्सव है जो पूरी…
जादूगोड़ा की पीड़ा से जापान तक: आशीष बिरुली की रेडिएशन फोटोग्राफी ने हिला दिया विश्व
झारखंड के जादूगोड़ा का नाम शायद बहुतों ने यूरेनियम खनन के कारण सुना हो, लेकिन वहां के लोगों की ज़िंदगी की त्रासदी को दुनिया तक पहुँचाने का काम एक स्थानीय युवा फोटोग्राफर आशीष बिरुली ने किया है। हाल ही में उनकी फोटोग्राफी प्रदर्शनी जापान में आयोजित हुई, जिसने वैश्विक स्तर पर विकिरण (Radiation) और यूरेनियम…
असम सरकार ने मोरन समुदाय को दिया स्थायी निवास प्रमाण पत्र, अरुणाचल में उठे विरोध के स्वर
असम सरकार ने हाल ही में एक अहम निर्णय लिया है, जिसके तहत मोरन समुदाय के 118 परिवारों को स्थायी निवास प्रमाण पत्र (PRC) जारी किए गए हैं। यह कदम उन परिवारों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है जो लंबे समय से अरुणाचल प्रदेश की सीमा से लगे इलाकों में रह रहे हैं,…
रांची में पहला “धरती आबा ट्राइबल फिल्म फेस्टिवल” 2025: आदिवासी जीवन, संस्कृति और सिनेमा का उत्सव
रांची, झारखंड: आदिवासी जीवन, संस्कृति और सिनेमा के प्रति समर्पित पहला “धरती आबा ट्राइबल फिल्म फेस्टिवल” 14 से 16 अक्टूबर 2025 तक रांची में आयोजित किया जा रहा है। यह तीन दिवसीय महोत्सव डॉ. राम दयाल मुंडा ट्राइबल वेलफेयर रिसर्च इंस्टिट्यूट, मोराबादी में प्रतिदिन सुबह 10 बजे से शाम 7 बजे तक चलेगा। इस ऐतिहासिक…
डॉ. रतनचंद्र कर: वह डॉक्टर जिसने जारवा जनजाति को मौत के मुंह से वापस लाया
अगर डॉ. रतनचंद्र कर न होते, तो आज अंडमान द्वीपसमूह की जारवा जनजाति शायद इतिहास का एक अध्याय बन चुकी होती।1990 के दशक की शुरुआत में, एक रहस्यमयी बीमारी ने इस छोटी-सी जनजाति को अपनी चपेट में ले लिया था।बुखार, उल्टी, और तेज़ संक्रमण से जारवा लोग मरने लगे।कभी लगभग 80 की आबादी तक सिमट…
रांची में 17 अक्टूबर को आदिवासी हुंकार महारैली: कुरमी समाज को ST दर्जा देने के विरोध में आदिवासी एकजुट
झारखंड की राजधानी रांची में 17 अक्टूबर 2025 को एक विशाल रैली होने जा रही है — ‘आदिवासी हुंकार महारैली’।यह रैली आदिवासी समाज की एकता, हक और पहचान की रक्षा के उद्देश्य से आयोजित की जा रही है। रैली का मुख्य मुद्दा कुरमी समाज को अनुसूचित जनजाति (ST) का दर्जा देने के विरोध से जुड़ा…
