Category: First People
प्रथम धरती आबा जनजातीय फिल्म फेस्टिवल: जनजातीय सिनेमा का ऐतिहासिक मंच
रांची, झारखंड | अक्टूबर 2025आदिवासी समाज की आवाज़ और संस्कृति को सिनेमा के माध्यम से सामने लाने के उद्देश्य से झारखंड की राजधानी रांची में पहली बार ‘धरती आबा जनजातीय फिल्म फेस्टिवल 2025’ का आयोजन किया गया। यह आयोजन अपने आप में ऐतिहासिक रहा, क्योंकि यह देश का पहला ऐसा फिल्म महोत्सव है जो पूरी…
जादूगोड़ा की पीड़ा से जापान तक: आशीष बिरुली की रेडिएशन फोटोग्राफी ने हिला दिया विश्व
झारखंड के जादूगोड़ा का नाम शायद बहुतों ने यूरेनियम खनन के कारण सुना हो, लेकिन वहां के लोगों की ज़िंदगी की त्रासदी को दुनिया तक पहुँचाने का काम एक स्थानीय युवा फोटोग्राफर आशीष बिरुली ने किया है। हाल ही में उनकी फोटोग्राफी प्रदर्शनी जापान में आयोजित हुई, जिसने वैश्विक स्तर पर विकिरण (Radiation) और यूरेनियम…
असम सरकार ने मोरन समुदाय को दिया स्थायी निवास प्रमाण पत्र, अरुणाचल में उठे विरोध के स्वर
असम सरकार ने हाल ही में एक अहम निर्णय लिया है, जिसके तहत मोरन समुदाय के 118 परिवारों को स्थायी निवास प्रमाण पत्र (PRC) जारी किए गए हैं। यह कदम उन परिवारों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है जो लंबे समय से अरुणाचल प्रदेश की सीमा से लगे इलाकों में रह रहे हैं,…
रांची में पहला “धरती आबा ट्राइबल फिल्म फेस्टिवल” 2025: आदिवासी जीवन, संस्कृति और सिनेमा का उत्सव
रांची, झारखंड: आदिवासी जीवन, संस्कृति और सिनेमा के प्रति समर्पित पहला “धरती आबा ट्राइबल फिल्म फेस्टिवल” 14 से 16 अक्टूबर 2025 तक रांची में आयोजित किया जा रहा है। यह तीन दिवसीय महोत्सव डॉ. राम दयाल मुंडा ट्राइबल वेलफेयर रिसर्च इंस्टिट्यूट, मोराबादी में प्रतिदिन सुबह 10 बजे से शाम 7 बजे तक चलेगा। इस ऐतिहासिक…
डॉ. रतनचंद्र कर: वह डॉक्टर जिसने जारवा जनजाति को मौत के मुंह से वापस लाया
अगर डॉ. रतनचंद्र कर न होते, तो आज अंडमान द्वीपसमूह की जारवा जनजाति शायद इतिहास का एक अध्याय बन चुकी होती।1990 के दशक की शुरुआत में, एक रहस्यमयी बीमारी ने इस छोटी-सी जनजाति को अपनी चपेट में ले लिया था।बुखार, उल्टी, और तेज़ संक्रमण से जारवा लोग मरने लगे।कभी लगभग 80 की आबादी तक सिमट…
रांची में 17 अक्टूबर को आदिवासी हुंकार महारैली: कुरमी समाज को ST दर्जा देने के विरोध में आदिवासी एकजुट
झारखंड की राजधानी रांची में 17 अक्टूबर 2025 को एक विशाल रैली होने जा रही है — ‘आदिवासी हुंकार महारैली’।यह रैली आदिवासी समाज की एकता, हक और पहचान की रक्षा के उद्देश्य से आयोजित की जा रही है। रैली का मुख्य मुद्दा कुरमी समाज को अनुसूचित जनजाति (ST) का दर्जा देने के विरोध से जुड़ा…
Hagrama Mohilary Takes Oath as BTC Chief for Historic Fourth Term; PM Modi and CM Sarma Pledge Full Support
Kokrajhar witnessed a momentous political event on Sunday as Bodoland People’s Front (BPF) president Hagrama Mohilary was sworn in as the Chief Executive Member (CEM) of the Bodoland Territorial Council (BTC) for a record fourth consecutive term. The public swearing-in ceremony marked a significant comeback for the BPF, which won 28 of the 40 seats…
प्रद्योत किशोर माणिक्य ने दी चेतावनी – “अगर सरकार ने 37 बिल मंज़ूर नहीं किए, तो सुप्रीम कोर्ट जाएंगे”
त्रिपुरा के आदिवासी इलाकों की राजनीति एक बार फिर गर्मा गई है। टिपरा मोथा के संस्थापक और आदिवासी समुदाय के लोकप्रिय नेता प्रद्योत किशोर माणिक्य देबबर्मा ने राज्य सरकार को सीधी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि अगर जनजातीय स्वायत्त जिला परिषद (TTADC) द्वारा पारित 37 बिलों को सरकार मंजूरी नहीं देती, तो वे अगले…
रानी दुर्गावती: गोंडवाना की वीरांगना जिसने अकबर को चुनौती दी
भारत के इतिहास में अनेक वीरांगनाओं ने अपने शौर्य और बलिदान से अमर पहचान बनाई है। इन्हीं में से एक हैं गोंडवाना साम्राज्य की महारानी, रानी दुर्गावती। एक ऐसी योद्धा रानी, जिसने अपनी मातृभूमि की रक्षा के लिए मुगल साम्राज्य की विशाल सेना का डटकर सामना किया और अंततः वीरगति को प्राप्त होना स्वीकार किया,…
सुहानी कोल: बिचरपुर की आदिवासी बेटी जो संघर्ष से उठकर जर्मनी के फुटबॉल मैदान तक पहुँची
मध्य प्रदेश के शहडोल जिले के बिचरपुर गाँव की 15 वर्षीय आदिवासी लड़की सुहानी कोल आज पूरे देश में चर्चा का विषय बनी हुई हैं।जिस बच्ची ने बहुत छोटी उम्र में परिवार, सुरक्षा और सहारा सब कुछ खो दिया था, वही आज अपनी मेहनत और लगन के बल पर जर्मनी में फुटबॉल प्रशिक्षण के लिए…
