कुश्ती के अखाड़े से लेकर संसद की चौखट तक स्त्री अपने दम पर अकेले ही लड़ रही है: प्रियंका गांधी

देश की दिग्गज ​महिला पहलवान विनेश फोगाट ने शनिवार को अपना खेल रत्न और अर्जुन पुरस्कार वापस कर दिया है। बीते 26 दिसंबर को उन्होंने अपना पुरस्कार लौटाने का एलान किया था। शनिवार को प्रधानमंत्री कार्यालय के बाहर कर्तव्य पथ पर उन्होंने अपना खेल रत्न और अर्जुन पुरस्कार को रख दिया है।

इस मामले को लेकर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने मोदी सरकार को घेरा है। उन्होंने कहा कि, राजनेता हो या खिलाड़ी, छात्रा हो या गृहस्थिन-स्त्री का अपमान करते रहना क्या हमारी बाहुबली सरकार का शौक है?

विनेश फोगाट का वीडियो शेयर करते हुए प्रियंका गांधी ने एक्स पर लिखा कि, ध्यान से देख लो दोस्तो: स्त्री का सम्मान सड़क पर रखा हुआ है। कोई भी उसे मज़े से कुचल सकता है। राजनेता हो या खिलाड़ी, छात्रा हो या गृहस्थिन-स्त्री का अपमान करते रहना क्या हमारी बाहुबली सरकार का शौक है? लेकिन हमें यह हाहाकार शायद सुनाई नहीं दे रहा। बड़ी से बड़ी वारदात हो जाय, हमारी खिड़की बंद ही है। हम झांककर देखने के लिये भी तैयार नहीं हैं। जबकि स्त्री अपने दम पर अकेले ही लड़ रही है। कुश्ती के अखाड़े से लेकर संसद की चौखट तक-उसे बाहर निकाला जा सकता है, हराया नहीं जा सकता।

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बता दें कि, विनेश फोगाट ने खेल रत्न और अर्जुन पुरस्कार को शनिवार वापस लौटा दिया। इससे पहले बजरंग पुनिया ने अपना पद्म श्री लौटाया था। वहीं, भारतीय कुश्ती संघ के चुनाव 21 दिसंबर को हुए थे। इसमें संजय सिंह को अध्यक्ष चुना गया था। संजय सिंह पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण के बेहद करीबी हैं। लिहाजा, पहलवानों ने इसका विरोध शुरू कर दिया था। इसके साथ ही साक्षी मलिक ने संन्यास का एलान कर दिया था।

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