वित्तीय वर्ष 2025 में राजस्थान के आदिवासियों को क्या मिला?

राजस्थान सरकार ने इस साल के बजट में आदिवासी विकास को प्राथमिकता देते हुए, इसके लिए आवंटित राशि को 1,500 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 1,750 करोड़ रुपये कर दिया है। यह बढ़ोतरी आदिवासी क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे के विकास, सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण और आजीविका से जुड़े कार्यक्रमों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से की गई है।

आदिवासी समुदाय के लिए नई योजनाएं

राज्य के जनजातीय क्षेत्र विकास मंत्री बाबूलाल खराड़ी ने बताया कि सरकार अनुसूचित क्षेत्रों, MADA क्षेत्र और सहारिया आदिम जनजातीय क्षेत्रों के विकास के लिए कई योजनाएं लागू कर रही है। इन योजनाओं का मुख्य उद्देश्य आदिवासी समुदाय की सामाजिक-आर्थिक स्थिति में सुधार और उनका सशक्तिकरण है।

सांस्कृतिक धरोहरों का संरक्षण

सरकार ने आदिवासी वीरों के योगदान को सम्मान देने के लिए विभिन्न स्मारकों के निर्माण की घोषणा की है, जिनमें शामिल हैं:

  • डूंगर बारंडा स्मारक
  • बंसिया चारपोटा स्मारक
  • वीर बालिका कालीबाई संग्रहालय

इन स्मारकों का उद्देश्य आदिवासी समाज की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करना और नई पीढ़ी को अपने इतिहास से जोड़ना है।

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रोज़गार और कौशल विकास पर ज़ोर

सरकार आदिवासी युवाओं के लिए रोज़गार उन्मुख प्रशिक्षण कार्यक्रम चला रही है। अब तक 4,697 युवाओं को प्रशिक्षण दिया जा चुका है।

इसके अलावा, वनधन केंद्रों की स्थापना से आदिवासी समुदायों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।

  • राजस्थान के 9 जिलों में 530 वनधन केंद्र संचालित हैं।
  • इन केंद्रों से 1.53 लाख आदिवासी सदस्यों को लाभ मिल रहा है।

पिछड़ी जनजातियों के लिए विशेष योजनाएं

सहरिया, कथौड़ी और खैरवा जैसी अत्यंत पिछड़ी जनजातियों के कल्याण के लिए सरकार ने कई नई योजनाएं शुरू की हैं:

  • प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत बारां ज़िले में 17 नए बहुउद्देशीय केंद्रों की स्वीकृति।
  • 51 वनधन विकास केंद्र आदिवासी मामलों के मंत्रालय के सहयोग से स्थापित किए जाएंगे।
  • 1.3 लाख से अधिक आदिवासियों को निःशुल्क खाद्य आपूर्ति की घोषणा।
    • हर परिवार को प्रति माह 500 ग्राम दाल, 500 मिलीलीटर तेल और 250 मिलीलीटर देसी घी दिया जाएगा।
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इसके अलावा, सरकार ने कुछ नई पहलें भी शुरू की हैं, जिनमें शामिल हैं:

  • नवीन अमृत कलश योजना
  • आदिवासी डिज़ाइन स्टूडियो “बनफूल” की स्थापना
  • लैक्रॉस खेल को बढ़ावा देने के लिए विशेष योजनाएं

जनजातीय छात्रावासों के लिए नई व्यवस्था

राजस्थान सरकार ने आदिवासी छात्रावासों में अधीक्षकों (Supervisors) की भर्ती के लिए ग्रेड-2 अधीक्षक पदों का सृजन किया है।

  • ये पद राजस्थान अधीनस्थ एवं मंत्रालयिक सेवा नियम, 2022 के तहत शामिल किए गए हैं।
  • 470 पदों पर भर्ती की जाएगी।

बजट में क्या है और क्या नहीं?

इस बजट में संस्कृति संरक्षण, शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे पर ज़ोर दिया गया है, जो आदिवासी समाज के सशक्तिकरण की दिशा में एक सकारात्मक पहल मानी जा सकती है।

लेकिन सवाल यह है कि क्या यह बजट ज़मीनी हकीकत में तब्दील होगा या केवल कागज़ों तक सीमित रह जाएगा? राजस्थान के आदिवासी समुदाय को इसका असली लाभ तभी मिलेगा जब योजनाओं को प्रभावी तरीके से लागू किया जाए और उनका सही उपयोग सुनिश्चित किया जाए।

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