संत रविदास के प्रसिद्ध विचार और उनका सामाजिक संदेश

संत रविदास 15वीं-16वीं शताब्दी के महान संत, कवि और समाज सुधारक थे। वे भक्ति आंदोलन के प्रमुख संतों में से एक थे और उन्होंने समाज में व्याप्त छुआछूत, जातिवाद और भेदभाव के खिलाफ आवाज उठाई। उनके विचार आज भी प्रेरणादायक हैं और मानवता के मूल्यों को सिखाते हैं। 1. मन की पवित्रता का महत्व संत…

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संत रविदास: समता और भक्ति का संदेश

संत रविदास भारतीय भक्ति आंदोलन के महान संत, कवि और समाज सुधारक थे। उन्होंने जाति, भेदभाव और छुआछूत के खिलाफ आवाज उठाई और प्रेम, समानता तथा भक्ति का संदेश दिया। हर साल माघ पूर्णिमा को उनकी जयंती मनाई जाती है, जो न केवल उनके अनुयायियों बल्कि समूचे समाज के लिए प्रेरणादायक होती है। संत रविदास…

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Brahmins in Sacred Texts: Evolution from Ritual Priests to Spiritual Seekers

The Brahmin, as a concept, has deep roots in Hindu sacred texts, spanning from the Vedas and Upanishads to the epics and Puranas. The term “Brahmin” (ब्राह्मण) originates from “Brahman,” which signifies the ultimate reality or the supreme cosmic principle in Hindu philosophy. However, in a socio-religious sense, Brahmins are traditionally considered the priestly and…

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गोत्र: परंपरा, विज्ञान और विवाह

गोत्र संस्कृत शब्द है, जिसका मूल अर्थ “गौ” (गाय) और “त्र” (रक्षा करने वाला) से लिया गया है, अर्थात् “गोत्र” का शाब्दिक अर्थ “गायों की रक्षा करने वाला” है। परंतु सामाजिक संदर्भ में, गोत्र किसी विशिष्ट ऋषि या पूर्वज से उत्पन्न एक पितृवंशीय समूह को दर्शाता है। प्राचीन वैदिक काल में गोत्र प्रणाली की शुरुआत…

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टुसु पर्व और मकर संक्रांति: विविधता में एकता का पर्व

भारत त्योहारों की भूमि है, जहाँ हर पर्व प्रकृति, संस्कृति और परंपराओं का जीवंत उदाहरण प्रस्तुत करता है। मकर संक्रांति और इससे जुड़े पर्व, जैसे टुसु पर्व, भारत के विभिन्न हिस्सों में अलग-अलग तरीकों से मनाए जाते हैं, लेकिन इनका मूल उद्देश्य एक ही है – प्रकृति के साथ सामंजस्य और समाज में समृद्धि की…

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ब्राह्मण: भारतीय समाज में भूमिका, इतिहास और वर्तमान स्थिति

ब्राह्मण शब्द का उपयोग भारतीय समाज में एक विशेष जातीय समूह और समाजशास्त्रीय वर्ग के लिए किया जाता है, जिसका वर्णन वेदों और प्राचीन ग्रंथों में किया गया है। ब्राह्मण वैदिक काल से ही ज्ञान, शिक्षा, धर्म, और संस्कृति के संरक्षक रहे हैं।

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मौलाना ने दिया चार शादी का फतवा, रूस ने कहा ये नहीं चलेगा

हाल ही में रूस में एक विवादित फतवा जारी किया गया, जिसमें मुस्लिम पुरुषों को चार शादियां करने की इजाजत दी गई थी। यह फतवा इस्लामिक संस्था ‘काउंसिल ऑफ उलेमा ऑफ द स्पिरिचुअल एडमिनिस्ट्रेशन ऑफ मुस्लिम्स’ (SAM) ने जारी किया था। हालांकि, यह फतवा रूसी धर्मनिरपेक्ष कानूनों के विरोध में था, जिसके तहत बहुविवाह पर…

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Jews in India: A History of Harmony and the Celebration of Hanukkah

India has a long and unique relationship with the Jewish community, characterized by peaceful coexistence and mutual respect. The history of Jews in India dates back over 2,000 years, with multiple Jewish communities settling across the subcontinent. Unlike other regions, Indian Jews have rarely faced anti-Semitism, making their history in India distinctive and harmonious. Early…

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10 most Expensive cities in the World धरती आबा बिरसा मुंडा के कथन