कौन हैं प्रीति लोबाना? गूगल इंडिया की नई उपाध्यक्ष और कंट्री मैनेजर

गूगल ने प्रीति लोबाना को भारत के लिए उपाध्यक्ष और कंट्री मैनेजर नियुक्त किया है। वह संजय गुप्ता का स्थान लेंगी, जो इस पद पर कार्यरत थे। लोबाना की नियुक्ति न केवल गूगल के लिए बल्कि भारतीय प्रौद्योगिकी क्षेत्र में महिला नेतृत्व के लिए एक अहम कदम है।

प्रीति लोबाना का अनुभव

प्रीति लोबाना के पास वित्त और प्रौद्योगिकी क्षेत्र में 30 वर्षों से अधिक का अनुभव है। उन्होंने गूगल में gTech की उपाध्यक्ष के रूप में काम किया, जहां उन्होंने प्रोसेस, पार्टनर, पब्लिशर ऑपरेशंस, विज्ञापन सामग्री और गुणवत्ता संचालन का नेतृत्व किया। उनकी भूमिका में वैश्विक टीम का नेतृत्व करते हुए प्रभावी विज्ञापन समाधान विकसित करना शामिल था।

गूगल से पहले, लोबाना ने ANZ ग्रिंडलैज बैंक, अमेरिकन एक्सप्रेस, स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक, और नैटवेस्ट ग्रुप जैसी वित्तीय संस्थाओं में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाईं। उनके अनुभव और नेतृत्व क्षमता ने उन्हें गूगल इंडिया की जिम्मेदारी के लिए उपयुक्त बनाया।

गूगल इंडिया में भूमिका

भारत में 700 मिलियन से अधिक इंटरनेट उपयोगकर्ताओं और तेजी से विकसित हो रही डिजिटल अर्थव्यवस्था के बीच, प्रीति लोबाना का नेतृत्व गूगल इंडिया के लिए अहम होगा।
अपने नए पद पर, लोबाना गूगल इंडिया के रणनीतिक संचालन की निगरानी करेंगी। वह व्यवसायों, सरकारी संस्थानों और समुदायों के साथ साझेदारी को मजबूत करेंगी और गूगल के उत्पाद इकोसिस्टम—जैसे विज्ञापन, क्लाउड और यूट्यूब—में वृद्धि को प्रोत्साहित करेंगी।

See also  Indian Whiskies Dominate the Global Market: Five of the Top Ten Best-Selling Brands

भारतीय प्रौद्योगिकी क्षेत्र में महिला नेतृत्व

प्रीति लोबाना की नियुक्ति भारतीय प्रौद्योगिकी क्षेत्र में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी का प्रमाण है। हाल ही में, मेटा इंडिया में भी एक महिला प्रमुख की नियुक्ति हुई थी। इस प्रकार के कदम इस क्षेत्र में लैंगिक समानता और महिला नेतृत्व को बढ़ावा देते हैं।

प्रीति लोबाना की नई जिम्मेदारी न केवल गूगल इंडिया के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है, बल्कि यह भारतीय प्रौद्योगिकी और डिजिटल क्षेत्र में महिलाओं के बढ़ते प्रभाव का उदाहरण भी है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

10 most Expensive cities in the World धरती आबा बिरसा मुंडा के कथन