तीसरा जयपाल-जुलियुस-हन्ना साहित्य अवार्ड: 30 नवंबर को रांची में होगा बहुभाषाई आदिवासी साहित्य का उत्सव

रांची। तीसरा जयपाल-जुलियुस-हन्ना साहित्य अवार्ड समारोह और बहुभाषाई दुरङ परफॉरमेंस 30 नवंबर को रांची के टीआरआई हॉल में आयोजित होगा। इस अवसर पर गोंडी के विनोद मोतीराम आत्राम, सादरी की शिखा मिंज और संताली के आलबिनुस हेम्ब्रम को राष्ट्रीय आदिवासी साहित्य अवार्ड प्रदान किया जाएगा।

समारोह की मुख्य अतिथि, सुप्रसिद्ध संताली साहित्यकार और पद्मश्री सम्मानित डॉ. दमयंती बेसरा इन तीनों रचनाकारों को सम्मानित करेंगी। कार्यक्रम का आयोजन यारा केरकेट्टा फाउंडेशन द्वारा टाटा स्टील फाउंडेशन के सहयोग से किया जा रहा है।

बहुभाषाई कविताओं और गीतों का आयोजन

अवार्ड समारोह के बाद बहुभाषाई आदिवासी-देशज दुरङ परफॉरमेंस का आयोजन होगा। इस सत्र में झारखंड, महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल सहित कई राज्यों के 15 भाषाओं के कवि और कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे।

इस कार्यक्रम में असुर, गोंडी, मुण्डारी, नागपुरी, सादरी और संताली जैसी भाषाओं में कविताओं और गीतों का पाठ किया जाएगा। प्रस्तुति देने वाले प्रमुख कवियों में रोशनी असुर, मोनिका सिंह, विष्णु बिरहोड़, पानी पूर्ति, शांति खलखो, शिखा मिंज और आलबिनुस हेम्ब्रम शामिल हैं। इसके अलावा, असुर लूर अखड़ा और बिरजिया लूर अखड़ा के बच्चों द्वारा भी गीत प्रस्तुत किए जाएंगे।

See also  'Adivasi' vs 'Vanvasi': An identity struggle

जयपाल-जुलियुस-हन्ना अवार्ड का उद्देश्य

यारा केरकेट्टा फाउंडेशन की मुख्य कार्यकारी वंदना टेटे ने बताया कि यह अवार्ड देश के आदिवासी नेता जयपाल सिंह मुंडा, लेखक-पत्रकार जुलियुस तिग्गा और नेत्री हन्ना बोदरा की स्मृति में 2022 में शुरू किया गया था।

इस अवार्ड के तहत आदिवासी भाषाओं में लिखी गई तीन उत्कृष्ट मौलिक पांडुलिपियों को प्रकाशित किया जाता है। साथ ही, सम्मानित रचनाकारों को रॉयल्टी की अग्रिम राशि, निःशुल्क पुस्तक प्रतियां और मानपत्र प्रदान किए जाते हैं।

चयनित पुस्तकें

इस वर्ष का साहित्य अवार्ड तीन कविता संग्रहों को दिया जा रहा है:

‘हिरवाल मेटा’ (गोंडी) – विनोद मोतीराम आत्राम, महाराष्ट्र

‘निरदन’ (सादरी) – शिखा मिंज, पश्चिम बंगाल

‘सिरजो़नरे जीवेदो़क’ (संताली) – आलबिनुस हेम्ब्रम, झारखंड

वीडियो गीत और विशेष प्रस्तुतियां

कार्यक्रम के दौरान जयपाल सिंह मुंडा और आदिवासी धर्म पर आधारित दो विशेष वीडियो गीतों का विमोचन भी होगा। इन्हें अश्विनी कुमार पंकज द्वारा प्रस्तुत किया जाएगा।

आदिवासी साहित्य और संस्कृति को प्रोत्साहित करने के इस आयोजन में बड़ी संख्या में साहित्यप्रेमियों और कलाकारों के शामिल होने की संभावना है।

See also  Tribal people in the shadow of hunger and death: Analysis of claims and reality of Odisha government

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

10 most Expensive cities in the World धरती आबा बिरसा मुंडा के कथन