आंध्र प्रदेश में आदिवासी बच्चों का कुपोषण संकट: एक गंभीर मानवीय चुनौती

🔴 60 हज़ार से अधिक आदिवासी बच्चे कुपोषण का शिकार आंध्र प्रदेश की आदिवासी आबादी लंबे समय से उपेक्षा और विकास की मुख्यधारा से कटे होने का दंश झेल रही है। अब इस स्थिति की सबसे त्रासद तस्वीर सामने आई है – राज्य में 5 वर्ष से कम आयु के 60,000 से अधिक आदिवासी बच्चे…

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83 percent of Tribal Professor Posts Vacant: Central Government

The Central Government has admitted in Parliament that there is a significant delay in filling reserved category posts in higher education. The situation is particularly alarming at the professor level, where appointments from the general category far exceed those from reserved categories. The gap is even wider for candidates from Other Backward Classes (OBC), Scheduled…

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मलती मुर्मू: जब एक महिला ने पेड़ के नीचे स्कूल खड़ा कर दिया

By firstpeople.in “जहां सरकारें चुप थीं, वहां मलती मुर्मू ने chalk उठा लिया।” झारखंड और बंगाल के सीमांत पर बसे गांवों में कोई नया क्रांतिकारी आंदोलन नहीं हुआ। न ही कोई बड़ा राजनीतिक भाषण दिया गया। लेकिन एक महिला ने—अपने आंगन में, एक पेड़ के नीचे, अपने बच्चों और पड़ोस के बच्चों को बिठाकर—वह कर…

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एत्वा उराँव (फादर जे. बखला) : आदिवासी शिक्षा और भाषा आंदोलन के अग्रदूत

जन्म: 12 अगस्त 1951देहांत: 9 जुलाई 2025 झारखंड की भूमि ने कई महान सपूतों को जन्म दिया है जिन्होंने न केवल अपने समुदाय के लिए बल्कि पूरे समाज के लिए प्रेरणा का कार्य किया है। इन्हीं में एक नाम है एत्वा उराँव, जिन्हें फादर जे. बखला (Fr. J. Baxla) के नाम से भी जाना जाता…

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तमिलनाडु के आदिवासी समुदायों को ST प्रमाण पत्र प्राप्त करने में कठिनाई क्यों हो रही है?

आज़ादी के बाद अनुसूचित जनजातियों (Scheduled Tribes) की पहली सूची संविधान के अनुच्छेद 342(2) के अनुसार 1950 में प्रकाशित की गई थी, जिसमें ST को शामिल करने और बाहर करने के लिए स्पष्ट नियम बनाए गए थे। इस सूची में 1956, 1976, 2003, और हाल ही में 3 जनवरी, 2023 को संशोधन किए गए। हालांकि,…

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1901 और 1941 की जातिगत जनगणना में लोहरा आदिवासी

झारखंड के इतिहास में ब्रिटिश शासन के दौरान और उसके बाद भी जातिगत जनगणना एक महत्वपूर्ण विषय रहा है। लोहरा आदिवासी समुदाय का इतिहास अन्य प्रमुख जनजातियों—मुंडा, संथाल, उरांव, खड़िया और हो—के साथ गहराई से जुड़ा हुआ है। झारखंड के रांची, लोहरदगा, गुमला, सिमडेगा, लातेहार और खूंटी जिलों में निवास करने वाले लोहरा आदिवासियों की…

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संथाल समाज और कुत्ता विवाह: एक सांस्कृतिक परंपरा का विश्लेषण

भारत के आदिवासी समाजों में विभिन्न रीति-रिवाज और परंपराएँ देखने को मिलती हैं, जो उनकी सांस्कृतिक पहचान और धार्मिक मान्यताओं को दर्शाती हैं। संथाल समुदाय, जो झारखंड, बिहार, ओडिशा, और पश्चिम बंगाल में मुख्य रूप से बसा हुआ है, अपनी समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर और परंपराओं के लिए जाना जाता है। इन्हीं परंपराओं में से एक…

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SC Seeks Centre’s Response on Plea to Improve Tribal Healthcare

The Supreme Court of India (SC) has asked the Central government to respond to a plea seeking urgent measures to enhance the health and well-being of the country’s tribal population. The petition highlights the persistent health disparities faced by Adivasi communities, particularly in remote and forested regions, where access to healthcare remains a significant challenge….

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The War Bonnet: A Sacred Symbol of Native American Honor and Heritage

The Native American war bonnet is one of the most recognizable cultural symbols associated with Indigenous tribes of North America. Often depicted in popular culture, this headdress carries deep spiritual, historical, and social significance, particularly among the Great Plains tribes such as the Lakota, Cheyenne, Crow, and Blackfoot. Far from being a mere decorative item,…

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क्या क्रीमी लेयर के SC/ST को नहीं मिलेगा आरक्षण?

सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दाखिल की गई, जिसमें यह मांग की गई कि अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के आरक्षण का लाभ IAS और IPS अधिकारियों के बच्चों को नहीं मिलना चाहिए। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने इस पर विचार करने से इनकार कर दिया और स्पष्ट किया कि यह विषय संसद के…

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10 most Expensive cities in the World धरती आबा बिरसा मुंडा के कथन