तेलंगा खड़िया: अन्याय के खिलाफ संघर्ष की अमर गाथा

एक समय था जब सूदखोरों द्वारा आदिवासियों की जमीन हड़प ली जाती थी, और उन्हें अपनी ही भूमि पर बंधुआ मजदूर बना दिया जाता था। संघर्ष की यह कहानी बहुत पुरानी है—तब भी अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ी जा रही थी, और आज भी वही जंग जारी है। जब हम संसाधनों की बात करते हैं,…

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तपकरा गोलीकांड और कोइल कारो आंदोलन: एक ऐतिहासिक संघर्ष

भारत में बड़े बांधों के खिलाफ हुए जन आंदोलनों में कोइल कारो आंदोलन एक ऐतिहासिक संघर्ष के रूप में जाना जाता है। यह आंदोलन झारखंड के खूंटी और गुमला जिलों के उन हजारों ग्रामीणों के अधिकारों की लड़ाई थी, जो अपनी जल, जंगल और ज़मीन को बचाने के लिए वर्षों तक संघर्षरत रहे। इस आंदोलन…

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पंडीराम मंडावी को पद्मश्री: गोंडी संस्कृति और बस्तर की विरासत का राष्ट्रीय सम्मान

छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले के गढ़बेंगाल निवासी, गोंड मुरिया जनजाति के प्रसिद्ध शिल्पकार और संगीतज्ञ पंडीराम मंडावी को कला के क्षेत्र में उनके अद्वितीय योगदान के लिए पद्मश्री से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का विषय है। श्री मंडावी ने अपनी अनूठी कला और संगीत…

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The Impact of Classifying Denotified Tribes | Explained

For the first time, the Anthropological Survey of India (AnSI) and Tribal Research Institutes (TRIs) have systematically categorized 268 denotified, semi-nomadic, and nomadic tribes that had never been classified before. After a three-year study, they have recommended the inclusion of 179 of these communities in the Scheduled Castes (SC), Scheduled Tribes (ST), and Other Backward…

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Nagoba Jatara: A Sacred Eight-Day Pilgrimage of Devotion and Tradition

Rooted in their deep reverence for nature and ancient customs, the tribals of the erstwhile Adilabad district continue to preserve their vibrant cultural identity. The Keslapur Nagoba Jatara, a significant religious and cultural festival of the Meshram clan, exemplifies this enduring heritage. A central ritual of the festival is the arduous eight-day pilgrimage undertaken by…

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“अगर घर वापसी नहीं होती, तो आदिवासी राष्ट्र-विरोधी हो जाते”: मोहन भागवत

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने दावा किया है कि पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने अपने कार्यकाल के दौरान संघ के घर वापसी कार्यक्रम की प्रशंसा की थी। भागवत के अनुसार, मुखर्जी ने कहा था कि अगर संघ ने धर्मांतरण रोकने का प्रयास नहीं किया होता, तो आदिवासियों का एक बड़ा वर्ग राष्ट्र-विरोधी हो सकता था।…

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जनजातीय मंत्रालय ने बाघ अभयारण्यों से वनवासियों की बेदखली पर मांगी रिपोर्ट

जनजातीय मंत्रालय ने राज्यों से बाघ अभयारण्यों से वनवासियों को बेदखल करने के मामलों में स्पष्टीकरण मांगा है। वन संरक्षण अधिनियम के तहत वनवासियों को अवैध बेदखली से बचाने के लिए मंत्रालय ने राज्यों को कानून का पालन सुनिश्चित करने हेतु एक संस्थागत तंत्र विकसित करने का निर्देश दिया है। मंत्रालय ने यह भी कहा…

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The Inuit People: A Legacy of Resilience, Culture, and Connection to the Arctic

The Inuit people, indigenous to the Arctic regions of North America, Greenland, and parts of Siberia, have a rich cultural heritage that reflects their deep connection to the environment. Their traditions, practices, and stories have evolved over thousands of years, shaped by the challenges and opportunities of life in one of the harshest climates on…

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क्या क्रीमी लेयर के SC/ST को नहीं मिलेगा आरक्षण?

सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दाखिल की गई, जिसमें यह मांग की गई कि अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के आरक्षण का लाभ IAS और IPS अधिकारियों के बच्चों को नहीं मिलना चाहिए। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने इस पर विचार करने से इनकार कर दिया और स्पष्ट किया कि यह विषय संसद के…

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गोंड आदिवासियों का कछारगढ़ तीर्थ: सांस्कृतिक पुनरुत्थान और सामूहिक पहचान का प्रतीक

महाराष्ट्र के गोंदिया जिले में स्थित कछारगढ़, गोंड आदिवासियों के लिए न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि यह उनकी सांस्कृतिक पहचान और इतिहास का प्रतीक भी है। धानेगांव गांव की गुफाओं में देवी काली कंकाली का मंदिर स्थापित है, जो मैकल पहाड़ियों का हिस्सा हैं। गोंडी भाषा में कछारगढ़ का अर्थ है “अयस्क…

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10 most Expensive cities in the World धरती आबा बिरसा मुंडा के कथन