
Category: First People

तीसरा जयपाल-जुलियुस-हन्ना साहित्य अवार्ड: 30 नवंबर को रांची में होगा बहुभाषाई आदिवासी साहित्य का उत्सव
रांची। तीसरा जयपाल-जुलियुस-हन्ना साहित्य अवार्ड समारोह और बहुभाषाई दुरङ परफॉरमेंस 30 नवंबर को रांची के टीआरआई हॉल में आयोजित होगा। इस अवसर पर गोंडी के विनोद मोतीराम आत्राम, सादरी की शिखा मिंज और संताली के आलबिनुस हेम्ब्रम को राष्ट्रीय आदिवासी साहित्य अवार्ड प्रदान किया जाएगा। समारोह की मुख्य अतिथि, सुप्रसिद्ध संताली साहित्यकार और पद्मश्री सम्मानित…

बिरसा मुंडा के वंशज मंगल मुंडा का निधन, पीएम मोदी और अन्य नेताओं ने व्यक्त किया शोक
भारतीय स्वतंत्रता सेनानी और आदिवासी नायक बिरसा मुंडा के परपोते मंगल मुंडा का शुक्रवार रात करीब 12:30 बजे रांची के राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) में निधन हो गया। उनका देहांत हृदय गति रुकने के कारण हुआ। इससे पहले, सोमवार को एक सड़क दुर्घटना में घायल होने के बाद उन्हें रिम्स में भर्ती कराया गया था।…

Tribal Leaders Urge Government to Prioritize Community Forest Rights in Kerala
Under the banner of Thampu, a non-governmental organization dedicated to tribal education, development, and research in Attappady, a group of tribal leaders has called on the government and tribal communities to effectively utilize the Community Forest Rights (CFR) provision under the Forest Rights Act (FRA). This, they believe, is essential to mitigate the recurring natural…

कचारगढ़: गोंड जनजाति की आस्था और सांस्कृतिक धरोहर
कचारगढ़, जिसे “कचारगढ़ गुफा” के नाम से भी जाना जाता है, महाराष्ट्र के गोदिया जिले में स्थित एक ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्थल है। यह गोंड जनजाति के लिए विशेष धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व रखता है। इस स्थान को गोंडवाना क्षेत्र के एक पवित्र तीर्थस्थल के रूप में देखा जाता है और यह गोंड संस्कृति, परंपराओं…

First People: Custodians of Culture, Nature, and Resilience
“First people” generally refers to Indigenous communities who were the original inhabitants of a particular region. These groups represent diverse cultures, languages, and traditions deeply tied to the history of human civilization. Here’s an exploration of the term, its significance, and its relevance in today’s world. Origins of the Term “First People” The term “First…

भारतीय संविधान सभा में आदिवासी प्रतिनिधियों की भूमिका: जानिए उनके योगदान और संघर्ष
भारतीय संविधान सभा, जिसे दुनिया के सबसे बड़े लोकतांत्रिक संविधान का निर्माण करने का गौरव प्राप्त है, विभिन्न क्षेत्रों, वर्गों और समुदायों के प्रतिनिधित्व का प्रतीक थी। इसमें आदिवासी समाज का प्रतिनिधित्व करने वाले कुछ ऐसे नाम शामिल थे, जिन्होंने न केवल स्वतंत्र भारत की नींव को मजबूती दी, बल्कि आदिवासियों के अधिकारों और उनके…

मानगढ़ धाम क्या है, इसके इतिहास को समझे?
मानगढ़ धाम मानगढ़ धाम राजस्थान के बांसवाड़ा जिले में स्थित एक ऐतिहासिक और धार्मिक स्थल है, जो भील आदिवासियों के साहस और बलिदान का प्रतीक है। इसे “आदिवासियों का जलियांवाला बाग” भी कहा जाता है। मानगढ़ धाम का इतिहास 20वीं शताब्दी की शुरुआत में औपनिवेशिक शासन के दौरान हुए आदिवासी विद्रोह और उनके धार्मिक गुरु…

आदिवासी भगवान कौन है?
आदिवासी समाज के धर्म और संस्कृति में “भगवान” की धारणा मुख्य रूप से प्रकृति और उनके पूर्वजों की पूजा पर आधारित है। आदिवासियों के लिए भगवान का स्वरूप पारंपरिक धार्मिक ग्रंथों से अलग होता है। वे प्रकृति, जल, जंगल, और जानवरों को ही पूजनीय मानते हैं क्योंकि उनका जीवन इन तत्वों पर निर्भर करता है।…

कलाश जनजाति: धर्मांतरण और तालिबान के खतरे में विलुप्त होती सांस्कृतिक विरासत
पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत की पहाड़ियों में बसे चितरल जिले की तीन घाटियां – बिरीर, रुम्बूर, और बंबूरित – अपने प्राकृतिक सौंदर्य के लिए जानी जाती हैं। लेकिन इन घाटियों की पहचान सिर्फ उनके खूबसूरत दृश्यों तक सीमित नहीं है। यहां निवास करती है एक अद्भुत जनजाति – कलाश। अपनी अनूठी संस्कृति, परंपराओं और…

पारंपरिक सखुआ पत्तल से लेकर आधुनिक मशीन-निर्मित विकल्प तक, इससे पर्यावरण को क्या लाभ?
भारत के आदिवासी समाज की पहचान उनके पारंपरिक जीवनशैली, कला, और संस्कृति से होती है, जो प्राकृतिक संसाधनों का सम्मान करते हुए उसे अपनी जरूरतों के अनुसार उपयोग करते हैं। इन संसाधनों में से एक अद्भुत और अनोखा उत्पाद है – सखुआ पत्तल । यह साधारण सी दिखने वाली प्लेट न केवल आदिवासी जीवन की…