दानपात्र में गिरा आईफोन: पुजारियों का लौटाने से इनकार, मंत्री बोले- अब यह भगवान का है

तमिलनाडु के एक मंदिर में एक भक्त के आईफोन के हुंडियाल (दानपात्र) में गिरने के बाद अजीब स्थिति बन गई। भक्त ने इसे वापस पाने की कोशिश की, लेकिन मंदिर प्रशासन और सरकार ने इसे मंदिर की संपत्ति बताते हुए लौटाने से इनकार कर दिया।

कहाँ है मंदिर

तमिलनाडु में राजधानी चेन्नई से लगभग 28 किमी की दूरी पर चेंगलपट्टू जिले में मौजूद भगवान मुरुगन(कार्तिकेय) को समर्पित तिरुपोरुर कंदस्वामी मंदिर है। द्रविड़ शैली में बने इस मंदिर को लेकर कहा जाता है कि इस मंदिर का निर्माण 10वीं सदी में किया गया था।

हालांकि बाद में लगभग 18वीं सदी के दौरान मंदिर का विस्तार किया गया। इस मंदिर का निर्माण 10वीं सदी में पल्लव राजवंश के शासनकाल के दौरान हुआ था। 17वीं सदी में इस मंदिर को फिर से बनाया गया था।

कैसे गिरा आईफोन?
दिनेश नामक भक्त ने गलती से अपना आईफोन श्री कंदस्वामी मंदिर, थिरुपुरुर के दानपात्र में गिरा दिया। गलती का एहसास होते ही उसने मंदिर प्रशासन से फोन लौटाने की गुहार लगाई।

See also  Thalaikkooththal: यहाँ परम्परा के नाम पर बूढ़े मां-बाप को दी जाती है मौत

मंदिर प्रशासन का जवाब
शुक्रवार को दानपात्र खोला गया, और फोन बरामद हुआ। प्रशासन ने दिनेश को केवल फोन का डेटा लेने की अनुमति दी। हालांकि, दिनेश ने यह प्रस्ताव अस्वीकार करते हुए अपना फोन वापस मांगा।

मंत्री का बयान
शनिवार को यह मामला तमिलनाडु के मानव संसाधन और सीई मंत्री पीके शेखर बाबू के पास पहुंचा। उन्होंने कहा, “दानपात्र में गिरने वाली हर वस्तु भगवान की संपत्ति बन जाती है। परंपरा और नियमों के अनुसार, इसे वापस नहीं किया जा सकता।” मंत्री ने यह भी कहा कि विभाग इस मामले में मुआवजे की संभावना पर विचार करेगा।

पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं
मई 2023 में, केरल के पलानी स्थित श्री धनदायुथपानी स्वामी मंदिर में एक महिला की सोने की चेन गलती से दानपात्र में गिर गई थी। सीसीटीवी फुटेज से पुष्टि होने और महिला की आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए मंदिर प्रशासन ने अपने निजी खर्च पर नई चेन देकर मदद की थी।

See also  The Enigma of the Swastika: A Prehistoric Symbol Connecting Cultures Across Continents

क्या कहता है नियम?
हुंडियाल स्थापना, सुरक्षा और लेखा नियम, 1975 के अनुसार, दानपात्र में डाली गई वस्तुएं वापस नहीं की जा सकतीं, क्योंकि वे मंदिर की संपत्ति बन जाती हैं। यह नियम इस मामले में भी लागू होता है।
दिनेश का आईफोन अब मंदिर की संपत्ति है। मामले पर अंतिम निर्णय के लिए मंदिर और प्रशासन आगे विचार कर रहे हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

10 most Expensive cities in the World धरती आबा बिरसा मुंडा के कथन