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बिरसा मुंडा 150वीं जयंती: सीयूजे में साहित्य, सिनेमा और संस्कृति का अनोखा संगम

केंद्रीय विश्वविद्यालय झारखंड (सीयूजे), मनातू कैंपस में भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित दो दिवसीय “स्वाभिमानी बिरसा–2025” कार्यक्रम का आज औपचारिक उद्घाटन हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत कुलसचिव श्री के. कोसल राव और नैक अध्यक्ष प्रो. के.बी. पंडा द्वारा भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर माल्यार्पण के साथ की गई।दोनों विशिष्ट अधिकारियों…

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पहला ‘रोज केरकेट्टा साहित्य सम्मान’ विश्वासी एक्का को

रांची : झारखंडी भाषा साहित्य संस्कृति अखड़ा की ओर से यह घोषणा की गई है कि पहला ‘रोज केरकेट्टा साहित्य सम्मान’ वर्ष 2025 के लिए विश्वासी एक्का को उनकी चर्चित कहानी संग्रह ‘कोठी भर धान’ के लिए प्रदान किया जाएगा। यह सम्मान समारोह आगामी 7 दिसंबर 2025 को रांची में आयोजित होगा। यह पुरस्कार झारखंड…

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Tribal Entrepreneurs: The New Drivers of India’s Progress

For centuries, India’s tribal communities—custodians of forests, rivers, and ancestral knowledge—have remained on the periphery of the nation’s economic narrative. Yet today, a quiet revolution is unfolding across these very landscapes. From Jharkhand’s rural artisans to Odisha’s agri-entrepreneurs and Maharashtra’s bamboo-based cooperatives, tribal men and women are not just preserving heritage; they are redefining India’s…

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11 नवंबर 1908 : बिरसा के “उलगुलान” से जन्मा छोटानागपुर काश्तकारी अधिनियम (CNT Act)

धरती, अधिकार और अस्तित्व की न्यायपूर्ण कहानी प्रस्तावना : जब विद्रोह ने कानून को जन्म दिया 11 नवंबर 1908—भारतीय औपनिवेशिक इतिहास की वह तारीख जब ब्रिटिश हुकूमत को आदिवासी प्रतिरोध की आग ने एक ऐसा कानून बनाने पर विवश कर दिया, जिसने आगे चलकर झारखंड की पहचान तय की।यह था छोटानागपुर काश्तकारी अधिनियम, 1908 (Chotanagpur…

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मध्यप्रदेश में आदिवासी महिलाएँ अधिकारी के पैरों में गिरीं, जमीन पर न्याय की गुहार

श्योपुर (मध्यप्रदेश):मध्यप्रदेश के श्योपुर ज़िले के करहाल तहसील कार्यालय में दो आदिवासी महिलाएँ न्याय की गुहार लगाते हुए अधिकारी के पैरों में गिर गईं। यह घटना न केवल प्रशासनिक तंत्र की संवेदनहीनता को उजागर करती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि किस तरह आदिवासी महिलाएँ अपने अधिकारों के लिए व्यवस्था के सामने बेबस नज़र…

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गारो जनजाति का 49वां वांगला फेस्टिवल धूमधाम से संपन्न: ढोलों की गूंज में झलकी संस्कृति और आस्था

मेघालय की धरती तीन दिनों तक ढोल-नगाड़ों की गूंज से थर्राती रही. पश्चिम गारो हिल्स के चिब्राग्रे क्षेत्र में आयोजित 49वां वांगला फेस्टिवल (Wangala Festival) पूरे जोश और पारंपरिक उल्लास के साथ संपन्न हुआ. नवंबर की सुनहरी धूप में यह उत्सव मानो गारो समाज की जीवनशक्ति बन गया, जिसने पूरे राज्य को उत्सवमय बना दिया।…

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पुरखा गीतों की गूंज के बीच रांची में झलका आदिवासी सृजन—जयपाल-जूलियस-हन्ना साहित्य पुरस्कार 2025 सम्पन्न

चौथा जयपाल-जूलियस-हन्ना साहित्य पुरस्कार समारोह रविवार को रांची के स्थानीय टी.आर.आई. सभागार में पारंपरिक पुरखा गीतों की गूंज के साथ आरंभ हुआ। समारोह में मंच पर मुख्य अतिथि दिल्ली विश्वविद्यालय की एसोसिएट प्रोफेसर स्नेहलता नेगी उपस्थित रहीं। समारोह में इस वर्ष के तीनों पुरस्कार विजेता काशराय कुदादा (जमशेदपुर), सोनी रूमचू (अरुणाचल प्रदेश) और मनोज मुरमू…

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चौथा जयपाल-जुलियुस-हन्ना साहित्य पुरस्कार समारोह और बहुभाषाई आदिवासी-देशज काव्यपाठ 9 नवंबर को

रांची एक बार फिर आदिवासी साहित्य के रंगों से सराबोर होने जा रहा है। प्यारा केरकेट्टा फाउंडेशन के तत्वावधान में चौथा जयपाल-जुलियुस-हन्ना साहित्य पुरस्कार समारोह और बहुभाषाई आदिवासी-देशज काव्यपाठ का आयोजन 9 नवंबर को पद्मश्री रामदयाल मुंडा ट्राइबल रिसर्च इंस्टीट्यूट (टीआरआई) हॉल, मोरहाबादी में किया जाएगा। इस राष्ट्रीय स्तर के एक दिवसीय साहित्यिक आयोजन का…

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Made in India vs. Made in China: The PLI Scheme That Sparked a WTO Showdown

1. Introduction In October 2025, China formally lodged a complaint against India at the World Trade Organization (WTO), claiming that India’s Production Linked Incentive (PLI) schemes — a flagship component of its industrial strategy — violated international trade rules. The dispute marks a significant development in global trade politics, as both nations compete for dominance…

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10 most Expensive cities in the World धरती आबा बिरसा मुंडा के कथन