आज ही के दिन शेख भिखारी और टिकैत उमराव सिंह को दी गई थी फांसी
भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में झारखंड की धरती ने सबसे पहले विद्रोह का बिगुल फूंका। चाहे 1855 का ऐतिहासिक संताल हूल हो या उससे पहले तिलका मांझी का सशस्त्र संघर्ष—अंग्रेजी सत्ता को सबसे पहली और सबसे सशक्त चुनौती इसी भूमि से मिली। 1857 की क्रांति की पहली चिंगारी भी देवघर के पास रोहिणी से…
