गोंड आदिवासियों का कछारगढ़ तीर्थ: सांस्कृतिक पुनरुत्थान और सामूहिक पहचान का प्रतीक

महाराष्ट्र के गोंदिया जिले में स्थित कछारगढ़, गोंड आदिवासियों के लिए न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि यह उनकी सांस्कृतिक पहचान और इतिहास का प्रतीक भी है। धानेगांव गांव की गुफाओं में देवी काली कंकाली का मंदिर स्थापित है, जो मैकल पहाड़ियों का हिस्सा हैं। गोंडी भाषा में कछारगढ़ का अर्थ है “अयस्क…

Read More

डोंबारी बुरु: भारत के स्वतंत्रता संग्राम का एक अनसुना अध्याय

भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में कई ऐसे अध्याय हैं, जिन्हें समय की धूल ने ढक दिया है। ऐसा ही एक महत्वपूर्ण और कम ज्ञात अध्याय है ‘डोंबारी बुरु हत्याकांड’, जो 9 जनवरी, 1900 को झारखंड के खूंटी जिले में घटित हुआ था। यह घटना न केवल अंग्रेजी शासन के अत्याचारों का प्रमाण है, बल्कि…

Read More

The Power of Adivasi Knowledge: Solving Global Problems Together

The Adivasi (tribal) knowledge system refers to the collective wisdom, practices, and traditions developed by indigenous communities over centuries. Rooted in a deep connection to nature, these systems encompass diverse areas such as agriculture, medicine, ecology, governance, art, and spirituality. Adivasi knowledge is typically passed orally from generation to generation, fostering sustainable living and harmonious…

Read More

Jaipal Singh Munda: The Champion of Tribal Rights and India’s Hockey Hero

Jaipal Singh Munda, an iconic figure in Indian history, was a man of many talents. Born on January 3, 1903, in Takra Pahantoli village in the Khunti district of present-day Jharkhand, he excelled as a sportsman, administrator, politician, and advocate for tribal rights. Fondly remembered as “Marang Gomke” (Great Leader) by the Adivasi communities, his…

Read More

संविधान सभा में जयपाल सिंह मुंडा का ऐतिहासिक भाषण: छह हजार साल का शोषण

जयपाल सिंह मुंडा, एक असाधारण व्यक्तित्व, ने भारतीय संविधान सभा में अपने भाषण के माध्यम से आदिवासी समाज की दुर्दशा और उनके अधिकारों की अनदेखी को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। उनके शब्दों की पृष्ठभूमि: जयपाल सिंह मुंडा ने 24 जनवरी 1947 को संविधान सभा में भाषण दिया। वे आदिवासी समाज की आवाज़ बने और…

Read More

मणिपुर हिंसा पर मुख्यमंत्री बीरेन सिंह ने मांगी माफी

मणिपुर के मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में राज्य के हालात पर बात करते हुए बीते वर्ष को “दुर्भाग्यपूर्ण” करार दिया। उन्होंने नए साल के आगमन के साथ राज्य में शांति और स्थिरता की उम्मीद जताई। मुख्यमंत्री ने कहा, “पिछले 3 मई से अब तक जो कुछ हुआ है, उसके लिए मुझे…

Read More

स्वतंत्रता संग्राम के अमर बलिदानी जीतराम बेदिया की वीर गाथा

स्वतंत्रता संग्राम के महान सेनानियों में से एक नाम है जीतराम बेदिया, जिनका जन्म 30 दिसंबर 1802 को वर्तमान झारखंड की राजधानी रांची के ओरमांझी प्रखंड के गगारी गांव में हुआ था। उनका जीवन आदिवासी समाज के लिए संघर्ष, बलिदान और प्रेरणा का प्रतीक है। उनके संघर्ष ने न केवल झारखंड, बल्कि पूरे भारत के…

Read More

Tribal people in the shadow of hunger and death: Analysis of claims and reality of Odisha government

While India proudly exports millions of tons of rice and other food grains to countries worldwide, a stark contrast emerges within its borders—stories of hunger and starvation deaths in Odisha’s tribal regions. These incidents not only highlight the acute food insecurity faced by marginalized communities but also challenge the government’s claims of poverty reduction and…

Read More

खरसावां गोलीकांड: आजाद भारत का जालियांवाला बाग, जब 50,000 आदिवासियों पर बरसी गोलियां

1 जनवरी का दिन, जब दुनिया नए साल का स्वागत करती है, आदिवासी समाज इसे शोक दिवस के रूप में याद करता है। यह सिलसिला 1948 से शुरू हुआ, जब भारत आजादी के केवल पांच महीने पुराने सफर पर था। उसी समय, खरसावां ने स्वतंत्र भारत के इतिहास में एक दर्दनाक घटना देखी, जिसे ‘खरसावां…

Read More

अमित शाह का त्रिपुरा में ब्रू आदिवासी गांव का दौरा

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार, 22 दिसंबर को त्रिपुरा के दूरस्थ बुरहा पाड़ा गांव का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने ब्रू-रियांग समुदाय के लोगों से मुलाकात की और कहा, “मैं आपसे ज्यादा खुश हूं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी बहुत खुश हैं कि 40 साल बाद हम आपका पुनर्वास कर सके।” ब्रू-रियांग समुदाय का…

Read More
10 most Expensive cities in the World धरती आबा बिरसा मुंडा के कथन