Ministry of Tribal Affairs Launches Digital Learning Platform “Adi Sanskriti”

First-of-its-kind initiative to preserve, promote, and empower tribal art and culture New Delhi, September 10, 2025 — The Ministry of Tribal Affairs has launched the beta version of “Adi Sanskriti”, a pioneering digital learning platform designed to preserve and promote India’s diverse tribal artforms. The launch took place at Bharat Mandapam, New Delhi, during the…

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“You invaded our land first”: Immigration Protests and the Voice of Australia’s First People

Indian Migrants in the Crossfire Australia often prides itself on being a multicultural society. But that image has cracked wide open in recent weeks. On 31 August 2025, thousands took to the streets of Sydney, Melbourne, and other cities under the banner of “Stop Mass Immigration.” Protesters claimed that mass migration was responsible for: skyrocketing…

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करम पर्व : आदिवासी जीवन का पर्यावरण और सामूहिकता का उत्सव

करम पर्व भारत के मध्य और पूर्वी राज्यों—झारखंड, छत्तीसगढ़, ओडिशा, बिहार, मध्य प्रदेश तथा पश्चिम बंगाल के आदिवासी समुदायों का प्रमुख त्योहार है। यह पर्व हर वर्ष भादो मास (अगस्त-सितंबर) में मनाया जाता है। यह केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि प्रकृति, खेती, भाई-बहन के रिश्ते और सामूहिक जीवन का उत्सव है। करम पर्व की कथा…

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आदिवासी समाज और चर्च की बढ़ती पकड़: आस्था या पहचान का संकट?

*”भारत के आदिवासी समुदाय सिर्फ इंसान नहीं, बल्कि प्रकृति के सच्चे संरक्षक माने जाते हैं। झारखंड और छत्तीसगढ़ की धरती पर सरना धर्म ‘जाहेरथान’ और ‘मरांग बुरू’ की पूजा से जीवन को दिशा देता है। अरुणाचल की पहाड़ियों में डोनी-पोलो – यानी सूरज और चाँद – लोगों के जीवन का प्रकाश और समय का चक्र…

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डूंगरी बांध: विकास का सपना या विस्थापन की त्रासदी?

राजस्थान का करौली-धौलपुर इलाका प्राकृतिक खूबसूरती, ऐतिहासिक धरोहरों और उपजाऊ ज़मीन के लिए जाना जाता है। यमुना और चंबल के बीच बसा यह इलाका सांस्कृतिक रूप से भी बेहद समृद्ध है। इसी इलाके में प्रस्तावित है डूंगरी बांध परियोजना – एक ऐसी योजना जिसे सरकार “विकास और जल प्रबंधन” के बड़े कदम के रूप में…

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आभा कुजूर: एक आदिवासी बेटी की बॉडीबिल्डिंग से अंतर्राष्ट्रीय मंच तक की प्रेरणादायक यात्रा

आज जब दुनिया महिला सशक्तिकरण, आत्मनिर्भरता और आत्मविश्वास की बात कर रही है, तब छत्तीसगढ़ की एक साधारण-सी लड़की, आभा कुजूर, असाधारण संकल्प और संघर्ष से न केवल महिला शक्ति का प्रतीक बनीं, बल्कि उन्होंने यह साबित कर दिया कि मजबूत इच्छाशक्ति और कड़ी मेहनत के सामने कोई भी बाधा बड़ी नहीं होती। एक आदिवासी…

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10 most Expensive cities in the World धरती आबा बिरसा मुंडा के कथन